झारसुगुड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए केंद्र ने मंजूर किए ₹2,100 करोड़: सांसद प्रदीप पुरोहित
टर्मिनल-2 का निर्माण, रनवे विस्तार और 350 एकड़ जमीन अधिग्रहण की तैयारी; दिल्ली, चेन्नई, जयपुर और विशाखापत्तनम के लिए हवाई सेवाएं शुरू करने पर जोर
झारसुगुड़ा- पश्चिमी ओडिशा में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने और औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से वीर सुरेंद्र साई (VSS) एयरपोर्ट, झारसुगुड़ा के विस्तार एवं आधुनिकीकरण की योजना पर जोर दिया जा रहा है। एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी की बैठक के बाद बरगढ़ के सांसद एवं कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप पुरोहित ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एयरपोर्ट के विकास के लिए ₹2,100 करोड़ मंजूर किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रस्तावित विस्तार के बाद एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस करने की दिशा में काम किया जाएगा।
सांसद पुरोहित के अनुसार, एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने, रनवे का विस्तार करने और नए टर्मिनल के निर्माण सहित विभिन्न विकास योजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिमी ओडिशा की स्थानीय कला, संस्कृति और पारंपरिक कलाकृतियों को एयरपोर्ट परिसर में प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले यात्रियों को क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराया जा सके।
यात्रियों की बढ़ती संख्या से विस्तार की जरूरत
झारसुगुड़ा एयरपोर्ट पर यात्रियों और विमानों की आवाजाही में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच एयरपोर्ट से 4,42,601 यात्रियों ने यात्रा की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 41.2 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में उड़ानों की संख्या 43.9 प्रतिशत बढ़कर 4,566 तक पहुंच गई। एयरपोर्ट से कार्गो सेवाएं भी शुरू हो चुकी हैं और संबंधित अवधि में लगभग 12 टन माल का परिवहन किया गया।
यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए टर्मिनल-2 के निर्माण और रनवे के विस्तार की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही एयरपोर्ट को मौजूदा 4C श्रेणी से उन्नत कर 4E मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हो रही है। इससे भविष्य में बड़े विमानों के संचालन के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, बोइंग-777 जैसे बड़े विमानों के संचालन के लिए रनवे की लंबाई, चौड़ाई और भार वहन क्षमता के साथ टैक्सीवे, पार्किंग एप्रन तथा अग्निशमन एवं बचाव सुविधाओं को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप बनाना होगा। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में संचालन के लिए आवश्यक मंजूरियां और तकनीकी प्रक्रियाएं भी पूरी करनी होंगी।
350 एकड़ जमीन अधिग्रहण
एयरपोर्ट के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सांसद के बयान के अनुसार, राज्य सरकार के सहयोग से लगभग 350 एकड़ जमीन अधिग्रहण की दिशा में काम किया जा रहा है।
वहीं, उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, झारसुगुड़ा तहसील के तालमल गांव में 147.240 एकड़ और दुर्लगा गांव में 21.640 एकड़ निजी जमीन के अधिग्रहण के लिए सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) सर्वे की प्रक्रिया शुरू की गई है। दोनों गांवों में कुल 168.880 एकड़ जमीन इस सर्वे के दायरे में है।
सर्वे के माध्यम से जमीन अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों, उनकी आजीविका, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और जमीन के वर्तमान उपयोग का आकलन किया जाएगा। जमीन अधिग्रहण की आगे की प्रक्रिया सर्वे और संबंधित प्रशासनिक मंजूरियों के आधार पर पूरी की जाएगी।
दिल्ली के लिए दूसरी उड़ान, चेन्नई और अन्य शहरों से कनेक्टिविटी
बैठक के बाद झारसुगुड़ा विधायक टंकधर त्रिपाठी ने कहा कि एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं का विस्तार करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि दिल्ली के लिए दूसरी उड़ान सेवा शुरू करने पर विचार किया जा रहा है, जो दिन के समय संचालित हो सकेगी। इसके अलावा चेन्नई, जयपुर और विशाखापत्तनम के लिए सीधी हवाई कनेक्टिविटी विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
सांसद प्रदीप पुरोहित ने भी मुंबई के लिए उड़ान सेवा दोबारा शुरू करने, चेन्नई के लिए सीधी उड़ान उपलब्ध कराने और दिल्ली के लिए सुबह की उड़ान सेवा शुरू करने को लेकर संबंधित मंत्रालय के साथ बातचीत की जानकारी दी।
नई उड़ानों की शुरुआत से पश्चिमी ओडिशा के यात्रियों, व्यापारियों, उद्योगों और विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इन सेवाओं का वास्तविक संचालन एयरलाइन कंपनियों की सहमति, यात्रियों की मांग, उपलब्ध विमानों और परिचालन संबंधी संभावनाओं पर निर्भर करेगा।
एयरपोर्ट पर एटीएम, रेस्टोरेंट और आधुनिक एम्बुलेंस की सुविधा
विधायक टंकधर त्रिपाठी ने बताया कि यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एयरपोर्ट परिसर में एटीएम और रेस्टोरेंट खोलने की योजना पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा, एयरपोर्ट पर हर समय उपलब्ध रहने वाली आधुनिक एम्बुलेंस की व्यवस्था करने का प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण है।
पश्चिमी ओडिशा के पर्यटन स्थलों की जानकारी यात्रियों तक पहुंचाने के लिए एयरपोर्ट पर सूचना डिस्प्ले बोर्ड लगाने की योजना है। इससे बाहर से आने वाले पर्यटकों को क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों और स्थानीय संस्कृति के बारे में जानकारी मिल सकेगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने पर भी बैठक में चर्चा हुई।
कार्गो सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा
एयरपोर्ट निदेशक उपेंद्र नाथ धौंडिया ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सांसद प्रदीप पुरोहित की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विधायक टंकधर त्रिपाठी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट के विकास, सुविधाओं के विस्तार और संचालन को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा करना था।
उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और हवाई माल ढुलाई सेवाओं को अधिक सक्रिय बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस के सहयोग से स्निफर डॉग स्क्वाड की तैनाती की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
पार्किंग व्यवस्था के संबंध में उन्होंने बताया कि वाहनों को आने-जाने के लिए छह मिनट का ग्रेस पीरियड दिया जाता है। निर्धारित समय से अधिक रुकने पर कंप्यूटरीकृत प्रणाली के अनुसार पार्किंग शुल्क लिया जाता है।
बरगढ़-संबलपुर-झारसुगुड़ा परिवहन कॉरिडोर का प्रस्ताव
पश्चिमी ओडिशा में परिवहन सुविधाओं को व्यापक रूप से मजबूत करने के लिए बरगढ़, संबलपुर और झारसुगुड़ा को जोड़ने वाले एलिवेटेड रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर का प्रस्ताव भी चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस प्रस्ताव की संबंधित एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है।
प्रस्तावित कॉरिडोर में बरगढ़, गोशाला, ज्योति विहार स्थित संबलपुर विश्वविद्यालय, वीआईएमएसएआर, वीएसएसयूटी, संबलपुर शहर, जमादारपाली एयरस्ट्रिप और रेंगाली जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ने की परिकल्पना की गई है।
यदि यह परियोजना मंजूर होकर लागू होती है, तो शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्वास्थ्य केंद्रों और परिवहन सुविधाओं के बीच संपर्क बेहतर हो सकता है। विशेष रूप से वीआईएमएसएआर जैसे प्रमुख चिकित्सा संस्थानों तक मरीजों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। हालांकि, इस परियोजना का अंतिम मार्ग, वित्तीय व्यवस्था और निर्माण संबंधी मंजूरी अभी स्पष्ट होना बाकी है।
पश्चिमी ओडिशा के विकास को मिल सकती है नई गति
झारसुगुड़ा एयरपोर्ट का प्रस्तावित विस्तार पश्चिमी ओडिशा के औद्योगिक, व्यावसायिक और पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से उद्योगों, निवेशकों, व्यापारियों और आम यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, कार्गो सेवाओं के विस्तार से औद्योगिक माल की आवाजाही को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
हालांकि, ₹2,100 करोड़ की मंजूरी, जमीन अधिग्रहण, टर्मिनल-2 के निर्माण, रनवे विस्तार और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से संबंधित योजनाओं की वास्तविक प्रगति आधिकारिक स्वीकृतियों, परियोजना की समयसीमा और निर्माण कार्य शुरू होने के बाद अधिक स्पष्ट होगी। फिलहाल, एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण और हवाई सेवाओं के विस्तार को लेकर हुई चर्चा ने पश्चिमी ओडिशा के लोगों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।