सऊदी अरब में भारतीयों को भारत सरकार की कड़ी चेतावनी: मिसाइल और ड्रोन हमलों के वीडियो न बनाएं
नई दिल्ली: सऊदी अरब में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए भारत सरकार और रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने एक कड़ी सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है, जिसमें मिसाइल या ड्रोन हमलों और उनके रोके जाने (इंटरसेप्शन) के वीडियो या तस्वीरें बनाने और सोशल मीडिया पर शेयर करने से सख्त मना किया गया है। यह चेतावनी यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के नागरिक इलाकों को निशाना बनाकर किए जा रहे लगातार हवाई हमलों के बाद आई है, जिसमें हाल ही में रियाद एयरपोर्ट के पास एक भारतीय नागरिक की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।
वीडियो न बनाने के मुख्य कारण
सऊदी अरब के गृह मंत्रालय और नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने साफ किया है कि इन घटनाओं की फिल्मिंग करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है:
अफवाह और डर: सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो और तस्वीरें फॉरवर्ड करने से आम जनता में दहशत और अफवाहें फैलती हैं।
सैन्य सुरक्षा को खतरा: ड्रोन और मिसाइल रोधी प्रणालियों (Air Defense) के वीडियो शेयर करने से सऊदी सेना की सटीक लोकेशन, उनकी क्षमता और रडार पोजीशन जैसी संवेदनशील खुफिया जानकारी उजागर होती है।
वैश्विक छवि और आर्थिक हितों को बचाने की कवायद
जानकारों के अनुसार, सऊदी अरब इस समय अपने ‘विजन 2030’ के तहत खुद को दुनिया के सामने एक सुरक्षित, आधुनिक और बड़े वैश्विक आयोजनों के केंद्र के रूप में पेश कर रहा है।
- इमेज खराब होने का डर: यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा रियाद एयरपोर्ट और नागरिक इलाकों पर किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के वीडियो अगर सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं, तो इससे सऊदी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठेंगे।
- निवेश और पर्यटन पर असर: दुनिया भर के निवेशकों और पर्यटकों में असुरक्षा की भावना पैदा न हो, इसीलिए सऊदी प्रशासन ज़मीनी हकीकत और हमलों के फुटेज को बाहर आने से रोकना चाहता है।
- डकार रैली का टलना: विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा चिंताओं के कारण अंतर्राष्ट्रीय ‘डकार रैली’ का टाला जाना सऊदी के लिए एक बड़ा झटका है। प्रशासन नहीं चाहता कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से अन्य वैश्विक इवेंट्स और खेलों पर भी इसका असर पड़े।
सख्त सजा और भारतीय दूतावास की एडवाइजरी
सऊदी सरकार ने साफ कर दिया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा और उन पर सख्त आपराधिक मामला (Criminal Liability) चलाया जाएगा।
इस संवेदनशील माहौल को देखते हुए रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय प्रवासियों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं:
- वीडियो और तस्वीरें न बनाएं: किसी भी मिसाइल इंटरसेप्शन या प्रभाव स्थल (Impact Site) की रिकॉर्डिंग न करें।
- सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड न करें: व्हाट्सएप या अन्य प्लेटफॉर्म पर आने वाले ऐसे वीडियो को आगे शेयर करने के बजाय तुरंत डिलीट करें।
- फ्लाइट सस्पेंशन का ध्यान रखें: सुरक्षा स्थिति के कारण एअर इंडिया, इंडिगो और आकासा एअर की उड़ानें फिलहाल निलंबित हैं (रियाद और दम्माम के लिए 7 नवंबर 2026 तक)।
किसी भी आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए भारतीय नागरिक रियाद में भारतीय दूतावास की 24 घंटे चालू रहने वाली हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क कर सकते हैं।