ओडिशा सरकार ‘चक्रवात अर्नब’ से निपटने को तैयार: 6 दक्षिणी जिलों में हाई अलर्ट, स्कूल बंद और ‘ज़ीरो कैजुअल्टी’ का लक्ष्य
भुवनेश्वर: ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने जानकारी दी है कि राज्य प्रशासन चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि इस चक्रवाती तूफान के 28 अक्टूबर, 2026 को आंध्र प्रदेश के तट (विशाखापत्तनम और बापटला के बीच) से टकराने की संभावना है, लेकिन इसके बदलते रास्ते (ट्रैक) को देखते हुए इसके दक्षिणी ओडिशा से होकर गुजरने की आशंका जताई गई है। इसके प्रभाव से क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और मंत्री सुरेश पुजारी ने “ज़ीरो कैजुअल्टी” (शून्य हताहत) के लक्ष्य को सुनिश्चित करने के लिए आपातकालीन प्रोटोकॉल की समीक्षा की है। सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में कड़े कदम उठाए हैं
- 6 संवेदनशील जिले चिन्हित: मंत्री पुजारी के अनुसार, राज्य के छह दक्षिणी जिले—गंजम, गजपति, रायगडा, मलकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर—इस मौसम प्रणाली से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।
- वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती: स्थानीय जिला कलेक्टरों की मदद, ग्राउंड-लेवल कोऑर्डिनेशन और त्वरित आपदा प्रतिक्रिया के लिए इन छह जिलों में अनुभवी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया है।
- पर्यटन और मछली पकड़ने पर प्रतिबंध: समुद्र में मछली पकड़ने की सभी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही, सुरक्षा के लिहाज से इन छह संवेदनशील जिलों के सभी पहाड़ों, झरनों और बांधों (डैम्स) पर पर्यटकों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
- स्कूल और आंगनवाड़ी बंद: एहतियात के तौर पर प्रभावित दक्षिणी जिलों के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया गया है।
- स्कूल और आंगनवाड़ी बंद: एहतियात के तौर पर प्रभावित दक्षिणी जिलों के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया गया है।
- 24 घंटे में बिजली बहाली का प्लान: ऊर्जा विभाग ने एक बैकअप योजना तैयार की है, जिसके तहत चक्रवात के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने पर 24 घंटे के भीतर पावर ग्रिड को ठीक कर दिया जाएगा।
- राहत और बचाव टीमें मुस्तैद: NDRF, ODRAF और स्थानीय पुलिस टीमों को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है।
- सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरण: लगभग 200 राहत शिविर (रिलीफ शेल्टर) सक्रिय कर दिए गए हैं। कमजोर आबादी, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को तेजी से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
- आपातकालीन स्टॉक तैयार: आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी दवाओं, एंटी-वेनम (सांप के जहर की दवा) की खुराक और मवेशियों के चारे का बफर स्टॉक पहले से ही सुरक्षित रख लिया गया है।