ओडिशा में चिकित्सा जगत का नया इतिहास: राउरकेला में डॉक्टरों ने मां के गर्भ में पल रहे बच्चे को चढ़ाया खून, बचाई जान
राउरकेला:– राउरकेला में डॉक्टरों ने एक अजन्मे बच्चे की जान बचाने के लिए राज्य का पहला इंट्रायूटेरिन ब्लड ट्रांसफ्यूजन (IUT) सफलतापूर्वक पूरा कर चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित किया है।
यह दुर्लभ और जीवन रक्षक प्रक्रिया राउरकेला के जय प्रकाश (JP) हॉस्पिटल में की गई। गर्भ में पल रहा शिशु Rh आइसोइम्यूनाइजेशन (Rh isoimmunization) के कारण गंभीर एनीमिया (खून की कमी) से पीड़ित था, जिससे उसका जीवन खतरे में आ गया था। इस स्थिति में मां के शरीर में बनने वाली एंटीबॉडीज अजन्मे बच्चे की रेड ब्लड सेल्स (लाल रक्त कोशिकाओं) को नष्ट करने लगती हैं इसी कारण डाक्टरों ने निर्णय लिया की इस बच्चे को माँ के गर्भ में ही खून चढ़ाया जायेगा फिर डॉक्टरों की एक अनुभवी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. पीयूष बंसल के नेतृत्व में अल्ट्रासाउंड गाइडेंस की मदद से सीधे मां के गर्भ के अंदर (गर्भाशय में) बच्चे को खून चढ़ाया। अस्पताल के अनुसार, इस सफल प्रक्रिया के बाद मां और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर हैं। इस ऐतिहासिक उपचार के बाद अब ओडिशा और आसपास के क्षेत्र में एडवांस फीटल मेडिसिन (भ्रूण चिकित्सा) की सेवाओं को और मजबूती मिलेगी, जिससे मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।