पर्यटकों के लिए खुला सिमिलिपाल राष्ट्रीय उद्यान; रोजाना केवल 60 वाहनों को प्रवेश, ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य
बारीपदा: भारत के सबसे प्रसिद्ध वन्यजीव स्थलों में से एक, सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व को नवंबर से पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया गया है। 2026-27 के इस पर्यटन सीजन में प्रकृति प्रेमियों को यहां के खूबसूरत परिदृश्य, हरी-भरी वादियों, झरनों और समृद्ध वन्यजीवों को देखने का मौका मिलेगा।
सिमिलिपाल प्रशासन ने वन्यजीवों की सुरक्षा और आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- वाहनों की सीमा और पात्रता: रिजर्व में रोजाना अधिकतम 60 चार पहिया वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। केवल 180 मिमी या उससे अधिक ग्राउंड क्लीयरेंस वाले वाहनों को ही अंदर जाने दिया जाएगा।
- प्रवेश द्वार और समय: कुल 60 वाहनों में से 35 वाहन जशीपुर के कालियानी प्रवेश द्वार से और शेष 25 वाहन बारीपदा की ओर पीथाबाटा (लुलुंग) चेक गेट से प्रवेश कर सकेंगे। पीथाबाटा गेट से सुबह 8 से 9 बजे के बीच और जशीपुर गेट से सुबह 5 से 9 बजे के बीच रिपोर्ट करना होगा। सभी पर्यटकों को शाम 6 बजे से पहले निर्धारित निकास द्वारों से बाहर निकलना अनिवार्य है।
- गाइड और बुकिंग: सिमिलिपाल जाने के लिए एडवांस ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य है। एंट्री परमिट केवल आधिकारिक वेबसाइट (www.similipal.org) के माध्यम से जारी किए जाएंगे। इसके अलावा हर पर्यटक वाहन के साथ एक गाइड का होना जरूरी है।
- झरनों का समय: प्रसिद्ध जोरंडा और बरेहीपानी झरनों को देखने जाने वाले पर्यटकों को शाम 4 बजे तक उन स्थलों को छोड़ना होगा।
वन विभाग ने पर्यटकों के लिए ओपन-जीप वाइल्डलाइफ सफारी और रिजर्व के अंदर रात बिताने की व्यवस्था भी की है। कुमारी, गुदुगुदिया, तालाबंद, बरेहीपानी और जामुनानी के फॉरेस्ट कॉटेज में ठहरने की सुविधा उपलब्ध है, जिसकी बुकिंग (www.ecotourodisha.com) के जरिए की जा सकती है।
क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (बारीपदा) और सिमिलिपाल अधिकारियों के अनुसार, ये नियम जैव विविधता के संरक्षण और सुरक्षित पर्यटन के लिए बनाए गए हैं। नए सीजन के पहले दिन पर्यटकों में भारी उत्साह देखा गया, खासकर यहां के प्रसिद्ध मेलानिस्टिक (काले) बाघों को देखने के लिए लोग बेहद रोमांचित नजर आए।