ओडिशा में भारी बारिश का कहर: 11 जिलों में बाढ़ और भूस्खलन से हाहाकार, बचाव में जुटी सेना और ओड्राफ
भुवनेश्वर: ओडिशा के 11 जिलों में भारी बारिश का कहर लगातार जारी है, जिससे दक्षिणी क्षेत्रों (विशेष रूप से गजपति, गंजम, रायगड़ा और मलकनगिरी) में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट पर है।
राहत और बचाव कार्य
- ODRAF की तैनाती: ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ODRAF) ने प्रभावित इलाकों में मोर्चा संभालते हुए 14 जिलों में अपनी 20 इकाइयां तैनात की हैं।
- तटरक्षक बल का रेस्क्यू: गंजम जिले में बाढ़ के पानी के बीच फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) द्वारा हेलीकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
यातायात और जनजीवन ठप
- रास्ते बंद: कलिंग घाटी (Kalinga Ghati) और गजपति के कई प्रमुख मार्गों (जैसे मोहना-चंद्रगिरी रोड) पर भारी भूस्खलन हुआ है।
- पेड़ उखड़े: तेज हवाओं और बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए हैं, जिससे स्थानीय यातायात और आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।
मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन मंत्री खुद संभाल रहे हैं कमान
- पल-पल की निगरानी: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
- ‘जीरो कैजुअल्टी’ पर फोकस: सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा के कारण किसी एक भी व्यक्ति की जान न जाए और कोई भी व्यक्ति कहीं फंसा न रहे।
- दलों से सीधा संपर्क: मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन मंत्री राहत कार्य में जुटी सभी टीमों और ट्रूप्स के साथ लगातार सीधे संपर्क में रहकर काम कर रहे हैं, ताकि बचाव अभियान में कोई कमी न आए।